आधे वोट भी न पा सकीं पूजा
35 साल पहले 1989 में बसपा पहली बार हाथी के चिन्ह पर चुनाव मैदान में उतरी। इस चुनाव में पार्टी के वेदराम सागर को 16967 वोट मिले और 4.61 फीसदी वोट के साथ तीसरा स्थान पाया। यहां से बसपा के हाथी की चाल चुनाव दर चुनाव तेज होती गई। पहले चुनाव में 4.61 फीसदी मत पाने वाली बसपा 2019 में 38.05 फीसदी वोट पाकर मुख्य विरोधी पार्टी बन गई।
बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी को 4,35 लाख वोट हासिल हुए, लेकिन साल 2024 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी पूजा अमरोही को महज 1,76,474 वोट मिल पाए जो पिछले चुनाव से काफी कम हैं। इस बार बसपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहीं और मुख्य मुकाबले से हर राउंड में ही बाहर रहीं।
आगरा में बसपा का प्रदर्शन
वर्ष 1989 से बसपा का प्रदर्शन आगरा लोकसभा पर लगातार बेहतर होता रहा। यह पहला साल है, जब लोकसभा चुनाव में बसपा ने कमजोर प्रदर्शन किया है। बसपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई, जबकि पूर्व में बसपा प्रत्याशी मुख्य मुकाबले में रहा था। बसपा मंडल कोऑर्डिनेटर गोरेलाल जाटव ने कहा कि पार्टी को चुनाव परिणाम से झटका लगा है। समीक्षा करेंगे कि आखिर कमी कहां रह गई।