मथुरा के हॉटस्पॉट क्षेत्र में संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से चिंतित प्रशासन कोरोना वायरस की चेन तोड़ने की कवायद में जुटा हुआ है। अब तक हॉटस्पॉट क्षेत्र में जा रहे फल, सब्जी की आपूर्ति बंद की जाएगी। दूध, दवा के विक्रेताओं को बैरियर पर ही रोका जाएगा, यहां से वालंटियर सामान को घरों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए वालंटियर की संख्या बढ़ाई जाएगी। हॉटस्पॉट क्षेत्र से किसी भी व्यक्ति को बाहर नहीं आने दिया जाएगा। यह फामॅूला फिलहाल 24 घंटे के लिए लागू किया जाएगा। यदि सफल रहा तो आगे भी इसे चालू रखा जाएगा।
कोरोना वायरस कान्हा की नगरी में पैर पसारता जा रहा है। हॉटस्पॉट क्षेत्र में लोगों की आवाजाही कोरोना वायरस के फैलने में बड़ा कारण माना जा रहा है। ऐसे में तय किया गया है कि हॉटस्पॉट क्षेत्र में किसी को न जाने दिया जाए और न ही वहां से किसी को बाहर आने दिया जाए। इससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।
इस योजना पर बनी सहमति
प्रशासन ने हॉटस्पॉट क्षेत्र के सभी संभ्रात लोगों की सहमति इस पर बना ली है कि मात्र 24 घंटे के लिए फल और सब्जी की आपूर्ति बंद कर दी जाए। अन्य सामान हॉटस्पॉट के बैरियर पर ही हॉटस्पॉट के अंदर के वालंटियर को उपलब्ध कराया जाए । उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में इस सामान का वितरण किया जाए। यह फामॅूला जब भी लागू होगा 24 से 48 घंटे तक चलेगा।
यदि इसमें सफलता मिलती है तो कुछ तब्दीली के साथ इसे कुछ दिन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। इस पूरे फामॅूला में पार्षद अन्य जनप्रतिनिधि तथा संभ्रांतजनों के सुझावों का विशेष ध्यान रखा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभी इस फामॅूला पर लगभग सहमति बन गई है। इसमें कुछ परिवर्तन भी किया जा सकता है। हमारा मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस की चेन तोड़कर लोगों को सुरक्षित रखना है।
सील इलाके की गलियों पर कसा जाएगा शिकंजा
सील इलाके में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का मुख्य कारण गलियां हैं। यह गलियां अंदर ही अंदर डीग गेट से यमुना किनारे तक तथा पूरे चौबियापाड़ा, यमुना किनारे के सभी एरिया में फैली हुई हैं। प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों ने इन गलियों पर शिकंजा कसने का प्लान बनाया है। इन गलियों में घूमने वालों पर भी स्थानीय वालंटियर के जरिए ही नजर रखी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी इन गलियों में एकत्रित होने वाले लोगों पर लगाम कसने की योजना भी तैयार कर रहे हैं।
गलियों में होती कबड्डी और क्रिकेट
इन गलियों में सुबह से लेकर शाम तक घरों में रह रहे बच्चों से लेकर युवाओं तक कबड्डी क्रिकेट जैसे खेल खेले जाते हैं। जिससे समझदार लोग भले ही दूर रहते हों लेकिन अधिकतर लोग इसमें शामिल हो जाते हैं और संक्रमण का शिकार हो जाते हैं।