02एमएनपी-15-शहर में सब्जी के ठेले से खरीदारी करते लोग
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। बाजार में सब्जियों के भाव गिरने से किसान भी बेहाल हो गए है। बाहरी मंडियों में सब्जी की आपूर्ति नहीं होने से किसान स्थानीय बाजार में ही सब्जी बेच रहे हैं। बाजार में अधिक आवक होने से सब्जियों के भाव में गिरावट आ रही है। इससे किसान परेशान हैं।
जिले में किसान बड़ी मात्रा में सब्जियों की पैदावार करते हैं। मैनपुरी की सब्जी इटावा, आगरा, दिल्ली
की मंडियों में बेची जाती है। लॉकडाउन में बाहरी मंडियों में सब्जियों की मांग कम हो गई। इस कारण स्थानीय मंडियों में आवक अधिक हो गई है। अधिक मात्रा में सब्जियों के स्थानीय मंडी में पहुंचने के कारण भाव गिरता जा रहा है। इस सीधा असर किसान पर पड़ रहा है। सब्जी आढ़ती नसीरुद्दीन वारसी का कहना है कि मंडी में सब्जी की आवक अधिक होने के कारण दाम में गिरावट आई है।
बाजार में सब्जियों के भाव
बैंगन 15 रुपये किलो
टिंडा 15 रुपये किलो
लौकी 10 रुपये किलो
भिंडी 10 रुपये किलो
तोरई 10 रुपये किलो
टमाटर 10 रुपये किलो
फूलगोभी 20 रुपये किलो
पत्ता गोभी 15 रुपये किलो
प्याज 10 रुपये किलो
शिमला मिर्च 40 रुपये किलो
बाहर की मंडियों में किसान सब्जी नहीं बेच पा रहे हैं। मंडी में सब्जी अधिक आ रही है। मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकल पा रही है।
राजेंद्र सिंह, पुडऱी
लॉकडाउन में मंडी में सब्जी की आवक बढ़ने से भाव भी गिरे हैं। मंडी में सब्जी की अधिकता से फुटकर दुकानदार मनमाने भाव लगाते हैं।
दुर्गपाल सिंह, खिदरपुर
लॉकडाउन में सब्जी करने वाले किसानों को घाटा हुआ है। लागत तक नहीं निकल रही है। कम दामों पर सब्जी बेचना किसान की मजबूरी है।
सोनू पाल, प्रहलादपुर
लॉकडाउन में सब्जी किसान बर्बाद हो गया है। सब्जी खराब होने के डर से कम कीमत पर लोकल में सब्जी बेचना मजबूरी है। सब्जी किसान परेशान हो रहा है।
सियाराम, प्रहलादपुर