मैनपुरी। लॉकडाउन के चलते देश भर में काम करने वाले प्रवासी मजदूर अपने घर लौट रहे हैं। उनके सामने काम की समस्या ना हो इसके लिए शासन ने मनरेगा के तहत काम देने के आदेश दिए हैं। अब तक जिले में 1700 से अधिक प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जा चुका है।
जिले की ग्राम पंचायतों में आठ हजार से अधिक प्रवासी मजदूर लौटे हैं। सभी 552 ग्राम पंचायतों के सचिवों और रोजगार सेवकों को प्रवासी मजदूरों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के आदेश दिए गए हैं। अब तक कुल 1847 जॉब कार्ड प्रवासी मजदूरों के बनाए गए हैं। इसके सापेक्ष कुल 1786 लोगों को मनरेगा में काम भी दिया जा चुका है। ये लोग गांवों में ही काम कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अन्य लोगों के भी जॉब कार्ड बनवाकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने मजदूूरों से भी अपील की है कि यदि उन्हें काम नहीं मिल रहा हो तो कंट्रोल रूम में इसकी शिकायत करें।
मैनपुरी अव्वल तो बेवर सबसे पीछे
प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम देने में मैनपुरी सबसे आगे है। यहां पूरे ब्लॉक में कुल 449 लोगों के जॉबकार्ड बना कर काम भी दे दिया गया है। बेवर ब्लॉक इसमें सबसे पीछे है यहां केवल 112 लोगों के ही जॉबकार्ड बने हैं।
ब्लॉकवार इन मजदूरों को मिला काम
- 126 जागीर
- 173 बरनाहल
- 112 बेवर
- 154 घिरोर
- 119 करहल
- 242 किशनी
- 225 कुरावली
- 449 मैनपुरी
- 168 सुल्तानगंज
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वर्जन
सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि हर हाल में प्रवासी मजदूरों को गांव में ही काम उपलब्ध कराएं। अगर किसी का जॉब कार्ड नहीं बन रहा है या काम नहीं मिल रहा है तो वे कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकते हैं।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।