मैनपुरी। लॉकडाउन में ‘गैर जरूरी बीमारियों का उपचार नहीं’ का बोर्ड लगाकर स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली है तो निजी चिकित्सकों ने भी खौफ में अपनी ओपीडी बंद करने का एलान कर दिया है।
ऐसे में हार्ट, पेट दर्द , अस्थमा, निमोनिया समेत अन्य मर्जों के रोगी रामभरोसे हैं। चिकित्सकीय सलाह के अभाव में अन्य मर्जों के रोगी मेडिकल स्टोर संचालकों से दवा लेकर काम चला रहे हैं।
जिला अस्पताल सहित पीएचसी, सीएचसी समेत निजी चिकित्सकों ने भी ओपीडी बंद कर दी है। इसके चलते जिले की सामन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को दिक्कत हो रही है। जिले में बड़ी संख्या में अस्थमा के मरीज हैं, जो जिला अस्पताल से उपचार करा रहे थे लेकिन लॉकडाउन के चलते ये चिकित्सकीय सलाह नहीं ले पा रहे हैं।
वहीं मौसम में आए परिवर्तन के कारण निमोनिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ऐसे में मरीज अपने घरों में ही दर्द से कराह रहे हैं अन्यथा की स्थिति में मेडिकल स्टोर से दवा लेकर काम चला रहे हैं। ऐसे में सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
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इन्हें हो रही दिक्कत
- अस्थमा के मरीजों को नहीं मिल रहा प्राथमिक उपचार
- हार्ट के मरीजों के सामान्य उपचार की भी नहीं व्यवस्था
- निमोनिया से पीड़ित बच्चों को भी नहीं मिल रहा उपचार
- पेटदर्द होने पर भी नहीं देखते डॉक्टर
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इनके लिए है उपचार की व्यवस्था
- दुर्घटना में घायलों को मिल रहा उपचार
- बुखार के मरीजों के लिए ओपीडी सुविधा।
- गंभीर बीमारी पर कराया जाता है भर्ती
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बुखार और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए ओपीडी सुविधा जारी है। शासन और विभाग के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। लोगों में दूरी बनाए रखने के लिए व्यवस्था की गई है। आगे मिलने वाले निर्देशों का पालन किया जाएगा। गंभीर मरीज अस्पतालों में उपचार लेने के लिए पहुंचें।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ