कासगंज बस स्टैंड पर प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग करते चिकित्सक
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कासगंज। प्रदेश सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की घोषणा पर अमल करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को अलीगढ़ डिपो की बस से मध्य प्रदेश से 10 प्रवासी मजदूर जिले में वापस लौट आए। इन सभी की स्क्रीनिंग के बाद शेल्टर होम में क्वारंटीन कर दिया गया है।
जिले के बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे थे। इन लोगों को अपने घरों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने उनको साधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके बाद सबसे पहले मध्यप्रदेश के रायसेन से 10 मजदूरों को वापस लाया गया। सबसे पहले बस स्टैंड पर सभी की स्क्रीनिंग की गई।
इसके बाद कासगंज तहसील के 4 मजदूरों को गंगा देवी माहेश्वरी भवन में क्वारंटीन कर दिया गया। पटियाली तहसील के 6 मजदूरों को एसबीआर इंटर कॉलेज पटियाली के शेल्टर होम भेजा गया। वहां इन सभी को क्वारंटीन कर दिया गया।
मध्यप्रदेश के 10 प्रवासी मजदूर जिले में आए हैं। इनका स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सीय परीक्षण करने के बाद शेल्टर होम में क्वारंटीन कर दिया है। डा. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ