मजबूरी में ही सही लेकिन लॉकडाउन से लोगों की तंबाकू-गुटखा और नशे के लत छूट रही है। शुरुआत में लोगों को बैचेनी, घबराहट और गुस्सा तो आया, लेकिन मानसिक रोग विशेषज्ञों की काउंसलिंग और दवाओं से इनकी हालात सामान्य हुई और 16 से 20 फीसदी लोगों की सालों की लत पूरी तरह से छूट गई।
कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च से लॉकडाउन है, पान-तंबाकू, शराब की बिक्री पर पाबंदी है। लगभग एक महीना लॉकडाउन का हो चुका है। ऐसे में शराब-तंबाकू और गुटखा के लती लोगों को यह आसानी से नहीं मिल पा रहे। इससे उनको बैचेनी, नींद न आना, चिड़चिड़ापन, गुस्सा की परेशानी होने लगी तो परिजनों ने मानसिक रोग विशेषज्ञों को फोन कर समस्या बताई।
इनको नींद आने, घबराहट-बैचेनी कम करने की दवा के साथ तीन से पांच दिन काउंसलिंग भी की गई। इसका असर यह हुआ कि लती लोगों में से
लगभग 20 फीसदी ने शराब, तंबाकू छोड़ दिया। 35 से 45 फीसदी लोग अभी भी कैसे भी व्यवस्था करके सप्ताह में दो से तीन दिन इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। यह लोग रोजाना के आदी थे, चिकित्सक मानते हैं इनमें से 50 प्रतिशत लोगों में अगले 10 दिन में आदत छोड़ने की संभावना है।
लॉकडाउन में तंबाकू-शराब की छूट रही लत : डॉ. यूसी गर्ग
वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. यूसी गर्ग ने बताया कि लॉकडाउन में तंबाकू-शराब नहीं मिल रहे। शुरुआत में मरीजों ने इसकी व्यवस्था और स्टॉक कर लिया, लेकिन अब बमुश्किल मिल रही है।
इससे लती लोगों को भूख कम लगना, बात-बात पर गुस्सा, रात में सोते से जागने जैसी समस्याएं होने लगीं। ऐसे मरीजों को दवा से लाभ है और वे पूरी नींद ले रहे हैं, घबराहट नहीं हो रही। 10-15 दिन में इनकी हालत सामान्य हुई और लत छोड़ दी। अभी और इस प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
लालसा बनी लत छोड़ने में बड़ी बाधा : डॉ. दिनेश राठौर
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि तंबाकू-पान मसाला और शराब के रोजाना के लती लोगों को 24 से 48 घंटे में ज्यादा तलब लगती है।
तीन से चार दिन में यह तलब सबसे चरम पर होती है, इसके बाद यह कम होने लगती है। लत छोड़ने में सबसे बड़ी बाधा लालसा होती है, जिसे क्रेविंग बोला जाता है। इसमें शराब, तंबाकू का वीडियो, चित्र या फिर इससे मिलती-जुलती वस्तु देखकर तीव्र लालसा जगती है, इससे मरीज को बैचेनी और घबराहट होने लगती है।
यह करें लोग
- लौंग, इलायची, सौंफ मुंह में दबाएं
- खूब पानी पिएं, खुद को व्यस्त रखें
- व्यायाम करें, योग और ध्यान लगाएं
- चने, ड्राई फ्रूट चबा सकते हैं