वर्ष 2019 में आगरा में 21,577 टीबी रोगी पंजीकृत हुए। इनमें 4,325 मरीजों का इलाज चल रहा है। अभी तक 17,244 मरीजों के परिणाम आए हैं। 17,244 में से 841 की मौत हुई। 1909 पूर्ण रूप से ठीक हो गए। 12,335 मरीजों ने टीबी का कोर्स पूरा किया और 670 मरीजों पर दवाएं बेअसर होने के बाद इनके उपचार की श्रेणी बदली गई। 74 मरीजों पर उपचार कारगर नहीं रहा, 870 ने इलाज छोड़ दिया जबकि अन्य मरीजों के बारे में पूर्ण रिपोर्ट नहीं आई।
'गंभीर मामला है, रिपोर्ट मांगी है'
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि
इतनी मौतें होना गंभीर है। टीबी रोगियों को उपचार मिलेगा। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। एडीएम सिटी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
ओपीडी बंद होने से दिक्कत
जिला टीबी अधिकारी डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि
टीबी रोगियों की इम्यूनिटी कम होती है। कोविड में पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगी है। दवाएं तो पहुंचा रहे हैं लेकिन ओपीडी बंद हैं, इस कारण मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं।
एमडीआर की स्थिति चिंताजनक
एसएन मेडिकल कॉलेज के टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि ओपीडी बंद हैं। फिर भी गंभीर टीबी मरीजों को भर्ती कर उन्हें उपचार दिलाया जा रहा है। एमडीआर श्रेणी के मरीजों की स्थिति चिंताजनक होती है।