फिरोजाबाद में फंस गए हैं । यह लोग अलग-अलग प्रांतों के रहने वाले हैं तथा फिरोजाबाद से माल ढोकर अन्य स्थानों पर पहुंचाते हैं। लेकिन हालात ऐसे हैं कि 3 दिनों से यह सब ट्रांसपोर्ट के पास ही खाली जगह पर रुके हुए हैं। इनके पास न तो खाने का सामान है नहीं इतना रुपया है कि यह बाजार से सामान खरीद सके हैं। हालात यह है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं। कई ट्रकों के अंदर माल भरा पड़ा है और कई को अपने घर की याद सता रही है। ऐसे में स्थिति ऐसी है यह बेचारे करें भी तो क्या करें। हालांकि यह सब स्वस्थ हैं लेकिन न तो इनके पास कोई सैनिटाइजेशन जैसी सुविधा है और ना ही इनको नहाने या दैनिक क्रियाओं के लिए कोई स्थान मिल पा रहा है। इनकी संख्या फिरोजाबाद में सैकड़ों की तादाद में है। हालांकि जैसे ही मीडिया में सुर्खियां बनी तो स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आई और इनको आज का भोजन मुहैया कराया स्वयंसेवी संस्थाओं का कहना है कि जब तक यह लोग फिरोजाबाद में रहेंगे तब तक इनकी भोजन की व्यवस्था की जाएगी लेकिन सरकार को भी चाहिए कि फंसे हुए लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। यह लोग कोरोना जैसी महामारी के बारे में तो नहीं जानते लेकिन बेहद परेशान हैं।