मैनपुरी। जिले में 21 वीं पशुधन गणना का कार्य 25 अक्तूबर 2024 से शुरू हो गया था। मगर तय समय सीमा 31 मार्च 2025 तक विभाग कार्य पूरा नहीं करा सका। इस गणना में पालतू पशुओं की 15 प्रजातियों की गणना शामिल है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद पशुधन गणना के कार्य को पूर्ण करने के लिए अब 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है।पशुधन गणना के कार्य को समय से पूरा कराए जाने के लिए विभाग की ओर से 24 सुपर वाइजर और 130 गणना कर्मियों को काम पर लगाया गया था। यह लोग प्रतिदिन टीमों के साथ गांव-गांव जाकर सर्वे का कार्य पूरा कर रहे हैं। 7 मार्च तक जिले में करीब 60 प्रतिशत पालतू पशुओं की गणना का कार्य पूर्ण किया जा चुका था। 21वीं पशुधन गणना में भैंस, बकरी, भेड़, याक, कुत्ता, खरगोश, सुअर, घोड़ा, टट्टू, गधा, खच्चर, ऊंट, हाथी और मुर्गी शामिल हैं। करीब 1.67 लाख घरों में किए गए इस सर्वे में सामने आया कि पशु पालक 192945 भैंस और 33 हजार गाय पाले हुए हैं। दुधारू पशुओं के साथ ही अन्य पशुओं की कुल संख्या 2.52 लाख के करीब है। विभागीय कवायद के बाद भी वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो गया। मगर 21वीं पशुधन गणना का कार्य जिले में अधूरा ही रहा। विभाग की ओर से सर्वे कार्य अभी भी जारी है। मिली जानकारी के अनुसार कार्य पूर्ण न होने के चलते अब 15 अप्रैल तक का समय और दिया गया है। अतिरिक्त समय में विभाग को गणना का कार्य पूर्ण करना होगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सोमदत्त सिंह ने बताया कि 21वीं पशुधन गणना का कार्य तेजी के साथ जारी है। समय पर विभाग की ओर से कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।