डॉ. आलोक सक्सेना हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज में सम्मान प्राप्त करते हुए। स्रोत स्वयं
मैनपुरी। जनपद निवासी राष्ट्रीय साहित्यकार डॉ. आलोक सक्सेना ने जनपद का नाम रोशन किया है। भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के नियंत्रणाधीन हिन्दुस्तानी एकेडमी उत्तर प्रदेश प्रयागराज में उनके हिंदी साहित्य लेखन, संवर्धन एवं विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए एकेडमी सम्मान - 2025 के तहत सम्मानित किया गया है। जनपद के साहित्यकारों ने उनकी सफलता पर बधाई दी है।
डॉ. आलोक सक्सेना का नाम जानेमाने राष्ट्रीय प्रतिष्ठित प्रयोगधर्मी व्यंग्यकार के रूप में जाना जाता है। प्रतिवर्ष हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 29 मार्च, 2025 को एकेडमी का 98 वां स्थापना दिवस मनाया गया। यहां के गांधी-सभागार में विद्वत सम्मान समारोह के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. हरिकेश सिंह, पूर्व कुलपति, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, सारण, बिहार ने प्रतिष्ठित विद्वानों को एकेडमी सम्मान -2025 से सम्मानित किया। इसमें जनपद निवासी डॉ. आलोक सक्सेना भी सम्मानित किए गए।
डॉ. आलोक सक्सेना की हाल ही में एक नवीन पुस्तक, शोध-कार्य (पीएचडी) करने की प्रक्रिया : महत्वपूर्ण बातें आई है। जिसे उन्होंने भावी शोधार्थियों हेतु तैयार किया है ताकि नया शोधार्थी भयमुक्त होकर अपना शोधकार्य संपन्न कर सके और समाज को अपना योगदान प्रदान कर सके। हिंदी साहित्य एवं व्यंग्य की अनेक पुस्तकों सहित उनकी अब तक 28 मौलिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। डॉ. आलोक सक्सेना 35 वर्षों से नई दिल्ली में निवास कर रहे हैं।