बटेश्वर भगवत कथा के सुनाती रोशनी यादव शास्त्री कथा पंडाल मे कथा श्रवण करते श्रद्धालू
बटेश्वर। तीर्थ बटेश्वर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास गनुमान गढ़ी पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें और अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के अंतिम दिन कथा वचिका शास्त्री रोशनी यादव और पुरुषोत्तम महाराज ने भगवान कृष्ण के सुदामा मिलन, परीक्षित मोक्ष और भागवत महात्म्य के अंतिम प्रसंगों का वर्णन किया।
कथा व्यास रोशनी यादव और आचार्य पुरुषोत्तम महाराज ने कहा कि सच्ची मित्रता में ऊंच-नीच या अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं होता। जब निर्धन सुदामा अपने सखा द्वारिकाधीश श्री कृष्ण से मिलने पहुंचे, तो प्रभु ने मर्यादाओं को भूलकर न केवल उनका भव्य स्वागत किया, बल्कि अपने आंसुओं से उनके पैर धोए। कथा समापन पर मुख्य यजमान गंभीर सिंह, शीला देवी, बाबा ज्ञानदास व सत्यवती देवी सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ की आरती उतारी। इसके बाद भंडारे में प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य आयोजक बाबा प्रमोद गिरि ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।