मुखबिर से मिली थी सूचना
एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह चार बजे के करीब मुखबिर ने कंटेनर के बारे में जानकारी दी, जिसमें हरियाणा के चंडीगढ़ से तस्करी कर शराब लाई जा रही थी। कंटेनर सिरसागंज की तरफ जा रहा था। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक हरवेंद्र मिश्रा, एसओजी प्रभारी नितिन त्यागी और उप निरीक्षक विक्रांत तोमर की संयुक्त टीम ने काम किया और नौशहरा के समीप कंटेनर को पकड़ लिया। कंटेनर चालक को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे चंडीगढ़ से कंटेनर दिया था और बिहार दरभंगा पहुंचाना था। इसके एवज में उसे पांच हजार रुपये खर्चे और 15 हजार रुपये वहां तक पहुंचाने के दिए जाते हैं। यह उसका तीसरा चक्कर है।
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लगाई गई थी डिवाइस
पुलिस ने जब डाला खोलने के लिए कहा तो उसने बताया साहब इसमें डिवाइस लगी हुई है। जब तक उसे नहीं खोला जाएगा। तब तक डाला नहीं खुलेगा। इसके बाद डिवाइस को गैस कटर से काटा गया और अंदर देखा तो सबके होश उड़ गए। पूरा कंटेनर हरियाणा मार्का शराब से भरा हुआ था, जिसमें 292 पेटी शराब थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि इसकी बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए चालक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है। उन्होंने पकड़े गए चालक का नाम मुकेश कुमार निवासी खावडा कलां थाना भट्टूखला फतेहाबाद हरियाणा बताया।
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फोन कर उसे बुलाया और थमा दी गाड़ी
पकड़े गये कंटेनर चालक मुकेश ने बताया कि उसके पास रोहतक से फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि तुम्हें एक गाड़ी को चंडीगढ़ से दरभंगा बिहार पहुंचाना है। फोन पर वह पहुंच गया और उसे एक व्यक्ति ने चाबी और पांच हजार रुपये खर्चे के थमा दिए। उसे यह नहीं बताया गया कि कंटेनर में क्या भरा है। उससे कहा कि तुम गाड़ी को पटना होते हुए दरभंगा पहुंचा देना। वहां तुम्हें एक व्यक्ति मिलेगा, उसे गाड़ी दे देना। वही 15 हजार रुपये मेहनताना मिल जाएगा। उसने बताया कि उसे नहीं मालूम कि शराब तस्कर कौन हैं और किसकी शराब है। उसने बताया कि उसे यह भी नहीं बताया गया कि शराब कहां जाएगी। सिर्फ दरभंगा पहुंचाना था।