दशरथ मांझी की तरह एटा के बावन वर्षीय बुजुर्ग धनीराम ने सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। बारिश में गांव की जिस सड़क पर गड्ढे हो गए थे, उन्हें धनीराम भरने का काम कर रहे हैं।
बिहार के दशरथ मांझी के बारे में तो सुना ही होगा। ऐसा ही अंदाज है उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले 52 वर्षीय धनीराम का। धनीराम विकासखंड अलीगंज क्षेत्र के जहान नगर गांव के रहने वाले हैं। उनके गांव की जो सड़क हैस उसमें काफी गड्ढे हो गए हैं। अब प्रशासन सुने या न सुने, लेकिन धनीराम इस सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने में जुटे हुए हैं।
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विकास खंड अलीगंज क्षेत्र जहान नगर रहने वाले धनी राम पुत्र नाथूराम पत्थरों को इकट्ठा करके गड्ढे भरने का कार्य कर रहे हैं। जब उनसे कारण पता किया तो बताया कि वह परचून की दुकान चलाते हैं। इस सड़क पर बहुत ज्यादा गड्डे हो गए, लेकिन इन गड्ढों को किसी के द्वारा सही नहीं किया गया। आए दिन हादसे होने लगे तो आस पास पड़े हुए ईटों के टुकड़ों को गड्डे में भर देते हैं, जिससे गड्डे में जाकर कोई वाहन पलट न जाए और कोई बड़ा हादसा न हो पाए।
बता दें अलीगंज जहाननगर के तीन किलोमीटर मार्ग जर्जर हो चुका है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। हादसों को देख गांव के रहने वाले धनीराम का दिल पसीज गया और वह गड्ढों को भरने के लिए जुट गए।