आगरा में ताजमहल के दीदार के लिए हर साल आ रहे 80 लाख सैलानियों की जान खतरे में है। ताजमहल जाने वाले रास्तों पर आवारा जानवरों का कब्जा है। पूर्वी गेट और ताजगंज की गलियों में ये जानवर सैलानियों को चोटिल कर रहे हैं।
हर सप्ताह दो दर्जन से ज्यादा सैलानी इनके हमलों में घायल और चोटिल हो रहे हैं। कमिश्नर के राम मोहन राव के निर्देशों के बाद भी नगर निगम ने ताज के पास घूमते पशुओं को पकड़ने की कवायद नहीं की है।
बता दें कि ताजमहल पर हर दिन 20 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंचते हैं। कमिश्नर ने जुलाई में समीक्षा बैठक की तो इसमें निर्णय लिया गया कि ताजगंज में गाय, भैंस न पाले जाएं और इन पशुओं का आवागमन भी ताजमहल को जाने वाले मार्ग पर न हो।
हालांकि पूर्वी गेट से भैंसों का यमुना में जाना अभी भी बरकरार है। बैठक में डीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कमिश्नर और डीएम के निर्देशों के बाद भी नगर निगम ने आवारा जानवर पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया।