मैनपुरी। औंछा थाना क्षेत्र के किचौरा गांव के पास मई 2016 में हुई दीवानी के मुंशी शिशुपाल उर्फ सत्यभान सिंह की हत्या में मंगलवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। एडीजे-6 चेतना चौहान की कोर्ट से एक आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, दूसरे को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। शिशुपाल की हत्या जमीन की रंजिश में उनके भतीजे ने ही की थी।
आदेश कुमार निवासी घनश्यामपुर, औंछा ने 16 मई 2016 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उनके पिता शिशुपाल सिंह दीवानी जा रहे थे। वह प्राथमिक पाठशाला किचौरा व नितिन स्मृति इंटर कॉलेज के मध्य पहुंचे तो सुबह 8.50 बजे वहां पहले से घात लगाए बैठे पिता के भतीजे अवधेश पुत्र नेकराम और राम प्रवेश पुत्र किताब सिंह और देवेंद्र सिंह ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस विवेचना में आरोपी देवेंद्र का वारदात स्थल के पास होने का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। इसके चलते उनका मुकदमे से नाम निकालते हुए अवधेश और रामप्रवेश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से विपिन कुमार चतुर्वेदी ने साक्ष्य व गवाहों को प्रस्तुत किया। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर आरोपी अवधेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं रामप्रवेश को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।