दो साल से कर रहा था गलत काम
बालिका ने मां को घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि दो साल से सौतेला पिता गलत काम कर रहा है। इस पर महिला ने थाना में शिकायत की। मुकदमा दर्ज किया गया। विशेष लोक अभियोजक विमलेश आनंद, एडीजीसी नाहर सिंह तोमरा और अधिवक्ता देव चौधरी ने कोर्ट में पीड़िता और वादिया सहित आठ गवाह पेश किए। इस पर कोर्ट ने सजा सुनाई।
आत्महत्या के लिए हो गई थी मजबूर
पीड़िता अपने सौतेले पिता की हरकत की वजह से आत्महत्या के लिए मजबूर हो गई थी। वह घर से बिना बताए निकल गई थी। इसके बाद बिजलीघर पहुंच गई थी। वह ट्रेन के आगे कूदना चाहती थी। मगर, उसे मौसा ने देख लिया। उसे बचा लिया था। घर लौटकर उसने मां को सारी घटना बताई थी।
पिता-पुत्री के रिश्ते को किया कलंकित
कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी किया कि अभियुक्त ने सौतेला पिता होते हुए नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घृणित कार्य किया। उसने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित कर दिया। अभियुक्त का कृत्य बहुत ही घृणित है। ऐसे अपराधियों का समाज में स्वच्छंद रहना घातक है।