मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव गढि़या में आठ साल पहले भाभी की बका से काटकर हत्या करने के दोषी देवर को जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
गांव गढ़िया की रहने वाली धनदेवी 17 मार्च 2016 को सुबह 10.30 बजे अपने पति कैलाशचंद्र के साथ घर के बाहर बैठी थी। तभी उनका देवर उत्तमचंद्र उर्फ भूरे अपने हाथ में बका लेकर वहां आ गया। उसने अपनी भाभी को गालियां देना शुरू कर दिया। गालियां देने से मना किया तो उसने बका से काटकर हत्या कर दी। शोरगुल सुनकर गांव के लोगों को आते देख भूरे हत्या करने के बाद भाग गया। कैलाश ने अपने भाई भूरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने भूरे को पकड़कर जेल भेज दिया। जांच करने के बाद भूरे के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित सात गवाहों ने भूरे केे खिलाफ गवाही दी। गवाही के आधार पर भूरे को अपनी भाभी धनदेवी की हत्या करने का दोषी पाया गया। जिला जज सुधीर कुमार ने हत्यारे देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
भाई की गवाही पर हुई सजा
कैलाश ने अदालत में अपने भाई भूरे के खिलाफ हर तारीख पर पैरवी की। न्यायालय में उसके खिलाफ गवाही भी दी। गवाही में बताया कि उसकी पत्नी धनदेवी घर के बाहर बैठी थी। तभी भूरे अपने हाथ में बका लेकर आया। धनदेवी को गालियां दीं। मना करने पर बका से काटकर हत्या कर दी। लोगों को आते देख मौके से भाग गया।