वर्ष 2005 में की किया था हमला
घटना तीन सितंबर 2005 की है। शिवराम की पत्नी शांति देवी प्रधानी के चुनाव में जीत गई थीं। धर्म सिंह की पत्नी उर्मिला चुनाव हार गई थी। इस कारण वह रंजिश मान रहा था। दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि आरोपी धमकी दे रहे थे कि प्रधानी नहीं करने देंगे। घटना वाले दिन दोपहर दो बजे अभियुक्त बंदूक, तमंचे, लाठी, सरिया और बल्लम लेकर आ गए। शिवराम के परिवार पर हमला बोल दिया। भाव सिंह, श्याम सिंह, हम्मीर को घेर लिया।
गोली लगने से हम्मीर और भाव सिंह घायल हो गए। श्याम सिंह को पीटा। वह गंभीर घायल हो गया था। परिवार के राम दुलारे और धर्मेंद्र बचाने आए तो उन्हें भी पीटा। गांव के नरायन सिंह पर भी हमला बोला। वह अपनी दुकान से जान बचाकर भाग गए थे। गांव के नवाब, राजन, महेंद्र, केलो और रामसनेही ने सभी को बचाया। यह लोग गवाह भी बने।