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नकली दवा कांड में बड़ा एक्शन: 5 फर्म के लाइसेंस रद्द, 71 करोड़ की दवाएं अब भी सीज

Fri, 24 Apr 2026 06:03 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नकली दवा मामले में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच फर्म के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं और 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज हैं। एसटीएफ के साथ की गई जांच में कई आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है, जबकि अन्य फर्मों की जांच अभी जारी है।
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, नकली दवा
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विस्तार
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नकली दवा मामले में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच फर्म के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। लखनऊ और पुडुचेरी की फर्म के लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भेज दी है। इन पांच फर्म की करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं अभी भी सीज हैं।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि बीते साल 22 अगस्त को एसटीएफ के साथ औषधि विभाग ने नकली दवा मामले में पांच गोदामों में करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थी। इसमें यूनिस, वारिस, विक्की कुमार, सुभाष कुमार, हिमांशु अग्रवाल और फरहान के खिलाफ बीएनएस एक्ट के तहत केस भी दर्ज कराया था। एक करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में भी केस दर्ज हुआ था। इसी जांच में पुडुचेरी से नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाओं की कालाबाजारी की जा रही थी। इस पर सुल्तानगंज स्थित के एंड फार्मा, फव्वारा स्थित हे मां मेडिकॉज, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, और ताज मेडिको के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। पहले इनके लाइसेंस निलंबित किए गए थे। अन्य फर्म की जांच चल रही है।

एक नमूना फेल, 27 हुए थे पास
- सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि इन फर्म के गोदाम से एंटीबायोटिक, पेट रोग, एलर्जी समेत अन्य तरह के 28 नमूने लिए थे। इसमें से एक में घटिया दवाएं मिलीं। बाकी 27 पास हो गए थे। दवाओं की जांच करने पर ये पुडुचेरी में बनी पाई गईं। टीम ने पुडुचेरी में दो स्थानों पर छापा मारकर नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी। यहां पर 50 करोड़ रुपये की दवाएं, कच्चा माल और मशीनरी मिलीं।
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