घिरोर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिम्मेदारों की अनदेखी का आलम यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक अपने प्रतिष्ठान को नर्सिंग होम की तरह चला रहे हैं। उनके पास पंजीकरण तो दवा बेचने का है लेकिन वे मरीजों का उपचार करते हुए नजर आ रहे हैं।
कस्बा में कुछ लोगों ने मेडिकल स्टोर के नाम से पंजीकरण करा रखा है। लेकिन इन मेडिकल स्टारों को क्लीनिक के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। केवल मरीजों को इंजेक्शन आदि ही नहीं दिए जा रहे हैं बल्कि खुले आम ड्रिप भी लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार लोग जानकर भी अनजान बन रहे हैं। ऐसे लोग न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बने हुए हैं बल्कि मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। यदि समय रहते इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो किसी दिन ये लोग मरीज की जान ले लेंगे।
किसी भी मेडिकल स्टोर संचालक को उपचार देने की अनुमति नहीं है। केवल दवा का ही वितरण करें उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाने की सलाह दें। यदि शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी। जांच में उपचार की बात सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.पीपी सिंह, सीएमओ