जिला कारागार में पुस्तकालय का उद्घाटन करते सीडीओ रामनिवास
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मथुरा की जिला कारागार में विभिन्न अपराधों की सजा काट रहे कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रशासन ने पहल की है। अब जेल में कैदी रामायण और गीता के साथ महापुरुषों की जीवनी पढ़कर ज्ञान से अपने जीवन को रोशन कर सकेंगे।
जिला कारागार में लाइब्रेरी शुरू हो गई है। 1600 किताबों वाली इस लाइब्रेरी का उद्घाटन डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी और सीडीओ रामनिवास ने शुक्रवार को किया। अफसरों ने बताया कि कैदी लाइब्रेरी से किताब ले जाकर बैरक में पढ़ सकेंगे।
जिला कारागार में 16 सौ किताबों की एक लाइब्रेरी खोली गई है। यह किताबें बंदियों और कैदियों को दी जाएंगीं। इस तरह की किताबें लाइब्रेरी में रहेंगी जिनके अध्ययन से इन लोगों को कुछ सीखने को मिले। बदलाव आ सके। यह लोग समाज में रहकर बेहतर तरीके से जीवन जीने की कला सीख सकें। जो अपराधी हैं वह अपराध का रास्ता छोड़ सकें।
जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रये ने बताया कि लाइब्रेरी बिमटेक संस्था के सहयोग से खोली गई है। इस मौके पर जेलर अरविंद पांडेय, डिप्टी जेलर अंजनि कुमार समेत जेल प्रशासन के सभी लोग मौजूद रहे।