मैनपुरी। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) कार्यालय से कर्मचारियों की पत्रावली गायब होने का मामला सामने आया है। यह बात तब खुली जब तत्कालीन जिला विकास अधिकारी के निलंबन के बाद चार्ज का हस्तांतरण किया गया। पत्रावली गायब होने की जानकारी होने के बाद कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
बीते पांच दिनों से लगातार डीडीओ कार्यालय में हलचल बनी हुई है। 13 जून को जिला विकास अधिकारी पीके राय को निलंबित किया गया। वहीं 15 जून को एक ग्राम विकास अधिकारी की नियम विरुद्घ बर्खास्तगी का आदेश सामने आया। अब एक ओर मामला सामने आया है। दरअसल तत्कालीन जिला विकास अधिकारी के निलंबन के बाद परियोजना निदेशक केके सिंह को जिला विकास अधिकारी के पद का कार्यभार सौंपा गया है। कार्यभार लेने के बाद जब उन्होंने अभिलेखों की जानकारी की तो पता चला कि कर्मचारियों की पत्रावली ही गायब हैं। जिस ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया है, उसकी पत्रावली कार्यालय में नहीं है। इसके साथ ही अन्य कई पत्रावली भी नहीं मिल रही हैं। पत्रावली गायब होने से कार्यालय में खलबली मची हुई है।
पटल सहायक नहीं दे पा रहे जवाब
प्रत्येक पत्रावली किसी न किसी पटल से संबंधित होती है। ऐसे में पटल सहायक की ये जिम्मेदारी है कि वह उस पत्रावली को अपने पास सुरक्षित रखे। लेकिन पत्रावली गायब होने के मामले में संबंधित पटल सहायक भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
पत्रावली कार्यालय में न होने की जानकारी हुई है। पटल सहायकों से जानकारी की जा रही है। पत्रावली न मिलने पर जिला विकास अधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ईशा प्रिया - सीडीओ
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-ज्योत्यवेंद्र दुबे