एसडीएम ने सोमवार को अधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर तहसील के लेखपालों को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी। गुस्साए लेखपालों ने एसडीएम की बैठक का बहिष्कार किया। कार्रवाई की मांग को लेकर लेखपालों में खुद बैठक की, जिसमें जमकर हंगामा हुआ। एडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और एक प्रति संघ के जिलाध्यक्ष को भेजी है। शाम को एसडीएम के खेद व्यक्त करने के बाद आपसी सहमति से विवाद खत्म हो गया।
सोमवार को उपजिलाधिकारी अंजली सिंह द्वारा अधिकारिक ग्रुप पर लेखपालों को लेकर एक अभद्रता टिप्पणी कर दी। उन्होंने लेखपालों की तुलना एक जानवर से कर दी। इस टिप्पणी को लेकर लेखपालों में आक्रोश व्याप्त हो गया। लेखपालों ने एसडीएम की बैठक का बहिष्कार कर दिया। वहीं तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बैस ने सचिव प्रदीप सक्सेना को तत्काल तहसील के सभी लेखपालों की बैठक तहसील सभागार में करने को कहा। लेखपालों की लगभग चार घंटे चली हंगामी बैठक में निर्णय लिया गया कि एसडीएम द्वारा की गई टिप्पणी तत्काल एसडीएम द्वारा खेद जताकर वापस ली जाए। जब तक टिप्पणी पर खेद व्यक्त नहीं किया जाता है तब तक एसडीएम की बैठक का बहिष्कार करेंगे।
अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह बैस के खिलाफ की गई प्रतिकूल प्रवृष्टि को तत्काल निरस्त किया जाए। तहसीलदार की बैठक में भाग लेने का निर्णय लिया गया। लेखपालों ने चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को दिया। गौरव कुमार, रघाु बढ़ौशिया, मोतीसिंह, हरवेश कुमार, हरेंद्र सिंह, कौशलेंद्र सिंह, प्रीति यादव, अंतिमा सिंह, मीरा, शैलेंद्र कुमार, दीपक, प्रंशात मुनेश, अवध विहारी, प्रदीप गोयल, नवनीत, प्रज्ञादीप, ब्रजेंद्र सिंह मौजूद रहे। शाम को एसडीएम ने की गई टिप्पसी पर खेद व्यक्ति किया। इसके बाद दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद विवाद खत्म हो गया।
हल नहीं निकलने पर लौटे एडीएम
लेखपालों को समझाने अपर जिलाधिकारी सोमवार की शाम तहसील पहुंचे। अपर जिलाधिकारी ने पहले उपजिलाधिकारी से वार्ता की। बाद में तहसील संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह बैस व सचिव प्रदीप सक्सेना से वार्ता की। हल नहीं निकलने पर अपर जिलाधिकारी वापस लौट गए। हालांकि जाते-जाते वह मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की बात कह गए।
पीएम सम्मान निधि, खसरा फीडिंग सहित अन्य कामों में तहसील पिछड़ रही है। आए दिन लेखपालों को कार्य जल्दी निपटाने को कहा जा रहा था। टिप्पणी किसी विद्वेष भावना से नहीं लिखी थी। मामले की जानकारी जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी को दे दी है। - अंजली सिंह, एसडीएम