पुलिस के दबाव के बाद भी बृहस्पतिवार को लेखपालों ने शीतला देवी मंदिर परिसर में धरना दिया। पुलिस के समझाने के बाद भी लेखपाल नहीं माने। लेखपालों ने निर्णय लिया उत्पीडन के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। लेखपालों ने पुलिस के सामने भी नारेबाजी की।
शीतला देवी मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को लेखपाल पहुंचे। लेखपालों के पहुंचने के बाद ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लेखपालों को पहले समझाया। उनको धरना स्थल से हटने के लिए कहा। लेकिन लेखपाल धरना स्थल से नहीं हटे। एक घंटे से अधिक तक रुकने के बाद पुलिस वहां से चली गई। लेखपालों ने कहा कि वह मांगें पूरी नहीं होने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शाक्य के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना दिया। उमाशंकर शाक्य ने कहा लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व की कई मांगों की शासन लंबे समय से अनदेखी कर रहा है। लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में लेखपालों का वेतन उच्चीकरण करने, पेंशन विसंगति को दूर करने, राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित करने, लेखपालों को दो पहिया वाहन भत्ता देने की मांगें शामिल हैं।
मांगों के पूरा नहीं होने तक लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। राज्य कर्मचारी महासंघ के सचिव अलकेश मिश्रा ने धरना स्थल पर पहुंचकर महासंघ द्वारा लेखपालों के धरने को समर्थन देने की घोषणा की।
इस मौके पर महेश सिंह तोमर, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, श्याम कुमार गुप्ता, प्रज्ञादीप, मनोज कुमार गुप्ता, ब्रजेश सिंह राठौर, दीपक यादव, राजीव दुबे, रक्षपाल सिंह यादव, प्रदीप कुमार सक्सेना, बसंत दुबे, नीरज सिंह, नवनीत मौर्य, विनयप्रताप यादव, चंद्रकेतु, जालिम सिंह यादव, जीतू प्रसाद, रामगोपाल, प्रशांत यादव, राजाराम भारती, अवनीश कुमार, देवेंद्र यादव मौजूद रहे।