मैनपुरी। प्रशासन द्वारा मंगलवार को धरना दे रहे लेखपालों पर एस्मा के उल्लंघन में कार्रवाई की गई थी। इसके बाद भी बुधवार को लेखपालों ने शीतला देवी मंदिर पर धरना जारी रखा। इसे एस्मा और धारा 144 का उल्लंघन मानते हुए जिले के 105 लेखपालों के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। लेखपाल संघ के जिला स्तरीय पांच पदाधिकारियों को नामजद किया गया है।
नौ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल लंबे समय से धरना दे रहे थे। इससे कार्य प्रभावित हो रहा था। इसी के चलते राज्यपाल ने दो दिन पहले ही एस्मा लागू कर दी थी। इसके बाद भी लेखपालों ने धरना बंद नहीं किया। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को लेखपालों के निलंबन और वेतन काटने की कार्रवाई की थी। वहीं लेखपालों को काम पर वापस लौटने की सख्त चेतावनी दी गई थी, लेकिन बुधवार को भी कार्रवाई के बाद भी लेखपाल नहीं माने। उन्होंने सुबह से शीतला देवी मंदिर के पास धरना शुरू कर दिया। जिला प्रशासन ने इसे एस्मा और धारा 144 का उल्लंघन मानते हुए धरना दे रहे 105 लेखपालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इसमें पांच लेखपालों को नामजद भी कराया गया है। सिविल लाइन चौकी के प्रभारी अमित सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में लेखपालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद लेखपालों में हड़कंप मच गया है।
21 लेखपाल हुए थे निलंबित
मंगलवार को एस्मा लागू होने के बाद भी धरना देने पर प्रशासन ने लेखपाल संघ के जिला स्तरीय व तहसील स्तरीय 21 पदाधिकारियों को निलंबित करने के साथ ही 186 का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। साथ ही उन्हें धरना न देने के कड़े निर्देश दिए गए थे।
इन्हें किया गया नामजद
वैसे तो 105 लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन लेखपाल संघ के जिला स्तरीय पांच पदाधिकारियों को नामजद किया गया है। नामजद किए गए पदाधिकारियों में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शाक्य, महामंत्री पुष्पेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष उदयवीर सिंह, मंत्री श्रीकृष्ण एवं सह मंत्री प्रज्ञा दीप शामिल हैं।
एस्मा और धारा 144 के उल्लंघन पर लेखपालों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश के अनुसार ही मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
रजनीकांत पांडेय, एसडीएम सदर