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लेखपाल घूसकांड: कहां से आए 10 लाख रुपये? रात भर थाने में खड़ी रही कार; सुबह खोला गया लॉक

Fri, 22 Dec 2023 12:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

लेखपाल की कार में 10 लाख रुपये रखे होने की जिस पीड़ित द्वारा शिकायत की गई थी, वो रातभर तो थाने में जमा रहा, लेकिन जब सुबह कार का लॉक खोलने की तैयारी थी, उसी समय वो गायब हो गया। 

 
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लेखपाल की कार से मिलीं 500 के नोटों की गड्डियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में लेखपाल भीमसैन की कार थाना शाहगंज में पूरी रात पुलिस की निगरानी में रखी रही। एक सिपाही को नजर रखने के लिए खड़ा किया गया। सीसीटीवी कैमरे से भी मुंशी देखते रहे। कोई कार में रखी रकम को गायब न कर दे, इस कारण शिकायतकर्ता भी रातभर डटा रहा। सुबह जब कार को खोलने की बारी आई तो वह गायब हो गया। उसे बुलाने के लिए गाड़ी से पुलिसकर्मी भी भेजे गए, लेकिन वो नहीं मिला। दोपहर में जब तक वो थाने पहुंचा, रकम बरामद कर ली गई थी।
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शिकायतकर्ता उमेश राना का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वो कुछ लोगों के बहकावे में आकर शिकायत करने की बात कहते नजर आए। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने आकर इस बारे में कुछ भी नहीं कहा। थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल हुआ है। दो पत्र भी सामने आए हैं। हालांकि उमेश राना ने थाने आकर लिखित में कुछ भी नहीं दिया है। विवेचना एसीपी लोहामंडी कर रहे हैं।

 

ढूंढती रही पुलिस नहीं मिला उमेश
कार को बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे खोला जाना था। इसके लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया। वीडियोग्राफर भी आ गए। वहीं लेखपाल के बेटे भी खड़े थे। एसीपी लोहामंडी ने शिकायतकर्ता को भी बुलाया। मगर, वो नजर नहीं आया। इस पर पुलिस फोन से संपर्क करने लगी। मगर, संपर्क हो नहीं सका। बाद में पुलिस एक गाड़ी से बोदला तक गई, लेकिन उमेश नहीं मिला। इस पर कार को खोल दिया गया। दोपहर में 1:30 बजे उमेश थाने पहुंच गए। उन्होंने मीडिया के सामने फिर से लेखपाल के रकम लेने वाला बयान दिया।

आखिर किसके हैं 10 लाख
कार में मिले 10 लाख रुपये लेखपाल भीमसैन के बेटे मोहित ने अपने बताए हैं, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से दावा किया गया था कि यह रकम रिश्वत की है। पुलिस से कहा था कि लेखपाल जब रिश्वत ले रहे थे, उन्होंने वीडियो बनाया था। यह पुलिस को भी दिखाया। उन्होंने जहां रकम बताई थी, वहां पर ही मिली। डैशबोर्ड और पिछली सीट पर गड्डियां कागज के थैलों में रखीं थीं।


 

विवेचना चल रही
एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि वह केस की गहराई से विवेचना कर रहे हैं। आरोप रिश्वत का लगाया गया है। कार से रकम बरामद हुई है। यह किसकी है, इसका पता, विवेचना में चलेगा। अगर, लेखपाल के बेटे रकम अपनी बता रहे हैं तो उनसे इसका सुबूत लिया जाएगा। वो बताएंगे कि इतनी रकम कहां से आई। वहीं शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज करेंगे। बयानों की वीडियोग्राफी होगी। उसके यह कहने से मुकदमा खत्म नहीं होगा कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर शिकायत कर दी थी। ऐसा भी हो सकता है कि किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा हो। इस बारे में भी पूछताछ की जाएगी। गलत आरोप लगाने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

फर्द में दर्ज किए नोटों के नंबर
पुलिस ने कार से बरामद 10 लाख रुपये के नोटों के नंबर फर्द में दर्ज किए हैं। इनके फोटो भी खींचे गए हैं। पुलिस का कहना है कि अगर, आरोपी लेखपाल की तरफ से किसी तरह का अपनी रकम होने का दावा किया जाता है तो नोटों के नंबर से मिलान कराया जाएगा।

 

सुबह कार छोड़कर चला गया था उमेश
उमेश रातभर कार की निगरानी कर रहे थे। सुबह आठ बजे तक वो थाने में ही रहे। आरोपी पक्ष के लोग भी थाने में डटे हुए थे। मगर, उमेश क्यों चले गए, यह सवाल ही बना हुआ है।

बेटे ने कहा, पिता को मैंने दी थी रकम
लेखपाल के बेटे अधिवक्ता मोहित चौधरी कार खुलने के दौरान थाना शाहगंज पहुंचे थे। उनका कहना था कि परिचित की गाड़ी थी। पिता ने तहसील में खड़ी की थी। 10 लाख रुपये पिता को उन्होंने ही दिए थे। अगर, कोई व्यक्ति आरोप लगा रहा है तो वह सामने आए। उनसे मिला नहीं है। अगर, किसी और व्यक्ति की रकम है तो वह शिकायत करने सामने क्यों नहीं आया।

 
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इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
- बुधवार को लेखपाल कहां-कहां गए, उन्होंने किस-किससे मुलाकात की, यह पता किया जाएगा।
- जिस स्थान पर पैसे लेने का दावा किया गया, वहां के सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे। देखा जाएगा कि लेखपाल मौजूद हैं।
- शिकायकर्ता और लेखपाल की लोकेशन पता की जाएगी। क्या दोनों की लोकेशन एक ही जगह पर है।
- मुकदमे में किसान और एक प्राॅपर्टी डीलर का जिक्र है। यह लोग कौन हैं, इनके बयान दर्ज होंगे।
- पीड़ित ने अपने बयान क्यों बदले, उसकी कॉल डिटेल खंगाली जाएगी, लोकेशन पता की जाएगी?
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