आगरा। वामपंथी दलों के राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मनरेगा के नए नाम के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिला सचिव पूरन सिंह ने बताया कि सत्ताधारी पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलकर नया ग्रामीण रोजगार बिल (वीबीजी राम जी) लाना कानून के मूल उद्देश्य और गांधीजी की विरासत का अपमान है। ज्ञापन में सरकार से मनरेगा अधिनियम बहाल कर वर्ष में कम से कम 200 दिन रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस मौके पर भारत सिंह, राम नाथ शर्मा, भीकम सिंह कुशवाहा, पूरन सिंह यादव, रामप्रकाश धाकरे, मोहन सिंह जादूगर, श्रीलाल तोमर, हरविलास दीक्षित, किरन सिंह, राजेंद्री आदि मौजूद रहे।