आगरा के बिजलीघर (आगरा फोर्ट) बस अड्डे के नक्शे में बदलाव किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया विचाराधीन है। अभी इसको अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। नक्शा फाइनल होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन इसकी जद में एक पेड़ आ रहा था। इस पेड़ को ना काटना पड़े। इसको ध्यान रखते हुए नक्शे में बदलाव किया जाएगा।
बिजलीघर बस अड्डे को 4,046 वर्ग मीटर में 25 करोड़ रुपये से पीपीपी माॅडल पर विकसित करने का प्रस्ताव आया था। इसकी बिल्डिंग को ध्वस्त कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। बाद में इसके कार्य को रोक दिया गया। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर नक्शे को फाइनल किया जाना है। अब इसके निर्माण में किसी पेड़ को लेकर कोई बाधा नहीं आएगी।
नक्शा फाइनल होने पर निर्माण कार्य कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने के लिए चार प्रमुख बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर हाईटेक रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें आईएसबीटी को एयरपोर्ट की तर्ज पर 193 करोड़ रुपये की लागत से 30,744 वर्ग मीटर क्षेत्र में तैयार किया जाएगा। इसका टेंडर गाजियाबाद की मिडसन कंपनी को आवंटित किया जा चुका है।
ईदगाह बस अड्डे का पुनर्निर्माण 8,000 वर्ग मीटर में 52 करोड़ रुपये की लागत से होगा। माैजूदा समय में इसकी मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है। फाउंड्रीनगर बस अड्डे के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे यमुना पार और एत्मादपुर क्षेत्र के लोगों को अलीगढ़ रूट की बसों के लिए आईएसबीटी या रामबाग चौराहे पर नहीं जाना पड़ेगा। यहां से अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर और मेरठ रूट की बसों का संचालन होगा, और सिटी बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।