हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलनरत अधिवक्ताओं की धमकी प्रशासन के लिए सिर दर्द बन गई है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने जब स्थानीय अधिकारियों से पूछा कि क्या यहां के वकील कोई प्रोटेस्ट करने जा रहे हैं। उस वक्त तो अधिकारियों ने कह दिया कि अधिवक्ता तो राष्ट्रपति बराक ओबामा का स्वागत करने के लिए लालायित हैं।
अब अंदर ही अंदर अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है। इसके चलते बुधवार अधिकारियों ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें मनाने की कोशिश की। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र रावत, अशोक चौबे आदि ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले का हल निकाला जाएगा। अतिथि देवो भव: की परंपरा कायम रखी जाएगी। अधिकारी संघर्ष समिति के अधिवक्ताओं से भी वार्ता कर रहे हैं। इस मामले में व्यापारिक संगठन और कुछ अधिवक्ता संगठन भी आगे आए हैं। वे खंडपीठ आंदोलन को तो जनांदोलन बनाना चाहते हैं लेकिन ओबामा के विरोध के पक्ष में नहीं है।