मैनपुरी। जिले में वकालत करने वाले वकील दो बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं रह सकेंगे। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने जिले की सभी बार एसोसिएशन से उनके सदस्यों की सूची मांगी है। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्यों के लिए होने वाले मतदान में इसी सूची में शामिल वकील मतदान कर सकेंगे। करहल तहसील में एक साल पहले संचालित हुए ग्राम न्यायालय में बैठने वाले न्यायिक अधिकारी को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से क्रिमिनल और सिविल के मुकदमों की सुनवाई का अधिकार मिला हुआ है। किसी अन्य तहसील में मुंसिफ न्यायालय की स्थापना नहीं है। तहसील स्तर पर भोगांव, घिरोर, किशनी तहसील में वकालत करने वाले वकील तहसील स्तर की बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। करहल में एक साल पहले मुंसिफ न्यायालय की स्थापना के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की वेरिफिकेशन कमेटी के चेयरमैन इमरान मसूद खान ने एक पत्र भेजकर मुंसिफ न्यायालय में वकालत करने वालों की सूची मांगी है। कहा गया है कि ऐसे वकीलों की सूची बनाएं, जो दो बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। इसी सूची के आधार पर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्यों के लिए होने वाले मतदान में वकील मतदान कर सकेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ब्रजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है। दीवानी में वकालत करने वाले वकीलों की सूची बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की वेरिफिकेशन कमेटी के चेयरमैन को शीघ्र ही भेजी जाएगी।