धरना प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम एवं सीओ भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने किसान नेताओं को रिश्वत के आरोपों की जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया. लेकिन किसान नेता सहमत नहीं थे। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की। यह गतिरोध लगातार जारी रहा। शाम को भाजपा के जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष डीएस लोधी कोतवाली के सामने से निकले। भीड़ देखकर वह थाने पहुंचे। उसी दौरान किसान नेताओं व कार्यकर्ताओं की उनसे नोकझोंक होने लगी।
रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ हंगामा
दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगाने लगे। इसके बाद भाजपा नेता चले गए, लेकिन किसान यूनियन के नेता व कार्यकर्ता कोतवाली में डटे रहे। अपर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र दुबे, एसडीएम पंकज कुमार, सीओ अजीत चौहान भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय से वार्ता कर रहे थे। इसी बीच करीब रात 9:30 बजे किसानों की संख्या बढ़ने लगी। इनमें से कुछ लोग हंगामा करने लगे।
पुलिस ने इन्हें खदेड़ने की कोशिश की फिर भी नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद सड़क पर एकत्रित कार्यकर्ताओं व लोगों को पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए दौड़ाया। करीब एक घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति कोतवाली पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता की।