जगन प्रसाद गर्ग का कहना था कि भाजपा और इस शहर के लिए करने को बहुत कुछ है। संन्यास के बाद वह इसी में अपना समय गुजारेंगे। प्रदेश सरकार में मंत्री बनने पर उनका कहना था कि पांच बार विधायक चुनने के बाद उनकी दावेदारी मजबूत है।
विधानसभा चुनाव 2017 के चुनाव में एतिहासिक जीत दर्ज कराने वाली भाजपा सरकार में भी मंत्रिमंडल में उनका नाम शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन ऐन वक्त पर उनका नाम कट गया।
जगन प्रसाद का कहना था कि संगठन की सब नजर में है, वक्त का इंतजार है, मंत्री जरूर बनेंगे। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के बाद जब कभी प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तो उसमें उन्हें जगह जरूर मिलेगी। मगर, उनकी यह हसरत अधूरी ही रह गई।
क्षेत्र के विकास के लिए विधानसभा में सवाल उठाने वाले जगन प्रसाद गर्ग सामान्य रूप से सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा बोलने से बचना चाहते थे।
किसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होने पर, नमस्कार के बाद उनकी दूसरी लाइन भी यही होती थी कि भैया भाषण मत दिलवाओ, मुझे सेवा बताओ। ताकि मैं किसी के काम आ सकूं। हालांकि वह वक्ता भी काफी बेहतर थे।
जब अपनी बोलना शुरू करते थे तो संगठन और समस्याओं पर उनका फोकस रहता था। सामाजिक कार्यों के लिए भी हमेशा तत्पर रहते थे।
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