सेना के जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
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सिक्किम में तैनाती के दौरान जान गंवाने वाले सेना के नायब सूबेदार जयपाल सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार की रात करीब आठ बजे उनके पैतृक गांव रिठौरी पहुंचा। जहां नम आंखों से लोगों ने अपने सपूत को आखिरी विदाई दी। 12 वर्षीय बेटे जय ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले सेना के जवानों के अलावा सांसद राजकुमार चाहर, विधायक महेश गोयल, पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल, पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
परिजनों के मुताबिक सेना की 25वीं राजपुताना रायफल्स में नायब सूबेदार के पद पर तैनात जयपाल सिंह (42) की सोमवार को सिक्किम में ड्यूटी के दौरान जान चली गई थी। बुधवार को पार्थिव शरीर घर पहुंचा, तो रास्ते में नगला तेजा व बीरई गांव में लोगों ने पुष्पवर्षा कर सपूत को श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर के घर पहुंचने पर ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, जयपाल सिंह तुम्हारा नाम रहेगा’ से गांव गूंज उठा।
सांसद राजकुमार चाहर, विधायक महेश गोयल के अलावा रालोद की जिलाध्यक्ष मालती चौधरी, नेत्रपाल सिंह आदि ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार ग्रामसभा की जमीन पर किया गया। जिसे शहीद स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मौके पर एसडीएम संगीता राघव, प्रभारी निरीक्षक प्रशांत त्यागी मौजूद रहे।
पत्नी-बच्चों को सांत्वना देने वाले भी रो पड़े
नायब सूबेदार जयपाल सिंह का पार्थिव शरीर घर आते ही उसे देखकर पत्नी और बच्चे बिलखने लगे। जिन्हें सांत्वना देने वाले भी रो पड़े। जयपाल सिंह के परिवार में पत्नी कृष्णा देवी, वृद्ध मां, दो पुत्रियां सिया (13), रिया (11) और एक पुत्र जय (12) हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह भी सेना में थे। सेवानिवृत्त होने के बाद सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी।
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