कासगंज। जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नौरथा के रहने वाले असम रायफल्स में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात सैनिक रमेश चंद्र की मौत उपचार के दौरान मणिपुर में हो गई। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया जहां सैनिक सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी गई। शहीद सैनिक को उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां हर आंख नम थी। साथ ही भारत माता की जय, वीर सैनिक रमेशचंद्र अमर रहे का घोष प्रांगण में गूंजता रहा। प्रशासनिक अधिकारियों, नेताओं व पूर्व सैनिकों ने श्रद्धांजलि दी।शहीद सैनिक रमेश चंद्र (52) सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नौरथा के निवासी थे। उनकी तैनाती असम रायफल्स में वारंट ऑफिसर के पद पर थी। मणिपुर सीमा पर 24 जनवरी को हुई फायरिंग में उन्हें गोली लगी। उनके अलावा एक अन्य जवान भी गोली लगने से घायल हुआ था। शहीद सैनिक रमेश चंद्र के तीन गोली लगीं थीं। उनका उपचार सेना के अस्पताल में चल रहा था। बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान सैनिक ने दम तोड़ दिया। सैनिक के शहीद होने की सूचना सायं के समय परिवार को मिली तो परिवार में चीत्कार मच गया। शहीद सैनिक का शव जैसे ही गांव में पहुंचा तो परिजन सहित ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।आगरा से 509 ईएमई बटालियन के सूबेदार करतार सिंह अपने साथी सैनिक अरविंद टी, राहुल राज, संजीव कुमार, मोहम्मद शादरूजमां, नवीन राठौर, धर्मपाल, एनएम नायक सेना के विशेष वाहन से पार्थिव देह लेकर पहुंचे। बारह पत्थर मैदान पर सेना का वाहन पहुंचा। उसके बाद शहीद सैनिक के परिजनों व सैनिकों ने वाहन को फूलों से सजाया। उसके बाद वाहन नौरथा गांव पहुंचा जहां सैनिकों ने विधिवत सलामी दी। शहीद सैनिक के पुत्र नवनीत कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी।।