‘आजाद भारत में कायम है भाषा की गुलामी’
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हिंदी उत्थानों के प्रयासों को खोखला बताकर इसे स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर स्थित जुबली हाल में हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर कार्यशाला में बोले, विडंबना है कि देश आजाद हो गया, पर भाषा गुलाम हो गई। हिंदी दिवस मनाया और चंद बड़ी बातें कर तालियां बटोर ली। हकीकत में यह श्राद्ध के बराबर है, जैसे पूर्वजों को एक दिन याद कर भुला दिया जाता है। विश्वविद्यालय के केएमआई और केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से आयोजित कार्यशाला के समापन पर उन्होंने कहा कि रंग, रूप, बोली कोई भी रही हो, आजादी का मंत्र हिंदी भाषा बनी। उन्होंने कार्यशाला संयोजक से कहा कि बिंदुवार रिपोर्ट बनाएं, वो खुद पीएम के समक्ष रखेंगे। मुख्य वक्ता प्रो. रमेश चंद्र गौतम ने कहा कि हिंदी समाज सबसे बड़ा उपभोक्ता है, इसे ताकत बनाने की जरूरत है। प्रो. सूर्यकांत दीक्षित ने हिंदी को सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़ने की वकालत की। प्रो. कालीचरण स्नेही, चेतराम गर्ग ने भी विचार रखे। प्रो. जय सिंह नीरद ने संचालन और कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीएन सक्सेना ने अध्यक्षीय भाषण दिया। केएमआई निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने आभार जताकर कहा कि विद्वानों के विचारों को राज्य सरकार को भेजेंगे। कार्यशाला में मुख्य अतिथि की धर्मपत्नी संतोष शैलजा, डा. नीलम यादव, डा. प्रदीप वर्मा, डा. केशव शर्मा, डा. अजय शर्मा, डा. उपेंद्र शर्मा रहे।
गरीबों के लिए काम कर रही मोदी सरकार
मीडिया से मुखातिब होते हुए शांता कुमार ने कहा कि आर्थिक विकास सात फीसदी की दर से हो, लेकिन असली तरक्की तभी जब निचले तबके का उद्धार हो। देश में गरीब-गरीब हो रहा है, अमीर और अमीर। ऐसी विषमताओं से देश आगे नहीं बढ़ेगा। मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि दो साल के कार्यकाल को देखें तो सही मायने में गरीबाें के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों ने योजनाएं बहुत बनाई, गरीब लाभ से वंचित रहे।
एनएसयूआई ने लगाए पीएम मुर्दाबाद के नारे
कार्यशाला में जबरन प्रवेश पर पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
आगरा। मुख्य अतिथि शांता कुमार का उद्बोदन शुरू होने से पहले एनएसयूआई ने आयोजन स्थल के गेट पर हंगामा किया और भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। पुलिस ने रोका तो जबरन कार्यशाला स्थल के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। धक्का-मुक्की में पुलिस जवानों की नेमप्लेट टूट गई। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाना हरीपर्वत पहुंची पुलिस ने शाम चार बजे उन्हें छोड़ दिया। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अमित सिंह का कहना है कि हिंदी नहीं भाजपा कार्यशाला आयोजित की गई है। इसमें आरएसएस और भाजपा से जुड़े अतिथियों को ही आमंत्रित किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, हर्ष उपाध्याय, मनीष गौतम, धर्मेंद्र चाहर, बिलाल अहमद, अपूर्व शर्मा, रहे।