आगरा के कमला नगर के न्यू राधा नगर में युवती नीतू की आत्महत्या के मामले की जांच कर रही पुलिस को मृतका के परिवार के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। उनकी दस करोड़ की जमीन को फर्जी मालिक बनकर 2.40 करोड़ में बेच दिया गया। परिवार को एक दिन पहले ही उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का पता चला था। इस पर परिवार के लोग तहसील एत्मादपुर गए थे। पीछे से बेटी ने आत्महत्या कर ली थी। अब धोखाधड़ी के मामले में थाना एत्मादपुर में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच में परिवार के साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। इस पर जांच शुरू की गई। पता चला कि किसी कृष्णा नामक व्यक्ति ने जमीन अपनी बताई थी। जमीन की कीमत 10 करोड़ के आसपास है, जबकि 2.40 करोड़ में जमीन को बेच दिया गया। होम्योपैथिक डाक्टर के परिवार ने जमीन खरीदी। पुलिस ने जमीन का बैनामा करने के बाद जिन खातों में रकम जमा कराई गई, उन्हें फ्रीज करा दिया। हालांकि खातों से काफी रकम निकाल ली गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि जमीन खरीदने वाले पक्ष से एक बिचौलिया मिला था। कहा था कि कम कीमत पर जमीन दिलवा देगा। इसके लिए कुछ कमीशन लेगा। खरीदार पुलिस से मिला। उसने अपना पक्ष रखा। कहा कि उसका कोई कसूर नहीं है। वह तो रकम दे चुका है। बिचौलिये ने एक युवक से मिलवाया था। उसे जमीन का मालिक बताया। उसने जमीन बेच दी। अब उनकी रकम भी फंस गई। जमीन भी मिलना मुश्किल है।
मामले में मृतका के भाई कृष्णा तोमर ने थाना एत्मादपुर में तहरीर दी। इसमें ट्रांस यमुना कालोनी निवासी सुबोध सूदन, हाथरस निवासी भूपेंद्र सिंह, एत्मादपुर के गांव धरैरा निवासी प्रवेंद्र तोमर, नगला रामबक्श निवासी गौरव और हाथरस निवासी सीमा को नामजद किया। मुकदमा धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र की धारा के तहत लिखा गया है। जमीन नेमीनाथ मेडिकल कालेज, हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर दीपेश गुप्ता ने खरीदी थी। वह फतेहाबाद रोड स्थित कलाल खेरिया के रहने वाले हैं। भाई ने अपनी बहन नीतू की आत्महत्या के लिए भी नामजद आरोपियों को जिम्मेदार ठहराया। पीड़ित ने जमीन खरीदार से सभी दस्तावेज इकट्ठा कर लिए हैं।