कासगंज। जिले के पहले केंद्रीय विद्यालय का निर्माण जमीन के अभाव में लटका हुआ है। सवा साल बाद भी विभाग जमीन चिह्नित नहीं कर सका है। वहीं स्कूल खोलने के लिए भवन की उपलब्धता नहीं होने से वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं बन सकी।भारत सरकार के केंद्रीय विद्यालय संगठन शिक्षा मंत्रालय ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 25 जनवरी 2023 को प्रदेश में 10 केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की घोषणा की थी। विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक संचालित किया जाएगा। पहले चरण में कक्षा 1 से 5 तक कक्षाएं संचालित होगी। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से कक्षाओं का विस्तार हाेगा। स्कूल खोलने के लिए 10 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, लेकिन जिले में विद्यालय खोलने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही। जमीन मिलने एवं इसका निर्माण होने तक सोरोंजी के पॉलीटेक्निक भवन परिसर में कुछ कमरे लेकर स्कूल खोलने के लिए योजना बनाई गई। इसके लिए पॉलीटेक्निक से अनुमति मांगी गई, लेकिन यह अनुमति नहीं मिल सकी। जिससे जुलाई माह में स्कूल शुरू नहीं हो सका। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक पखवाड़े से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन भवन की व्यवस्था नहीं हो पाने से अभी तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वहीं विद्यालय के भवन निर्माण की प्रक्रिया भी लटकी हुई है। विभाग ने विद्यालय खोलने के लिए एक जगह देखी भी थी, लेकिन इस जमीन को विद्यालय खोलने के लिए अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। जिससे एक साल बाद भी विद्यालय खोलने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी है।जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मौर्य का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए पॉलीटेक्नीक के निदेशक को पत्र लिखकर वैकल्पिक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। अन्य भवन की तलाश की जा रही है।