किरावली क्षेत्र में 3.82 करोड़ रुपये की जमीन के सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आगरा के किरावली तहसील क्षेत्र में 3.82 करोड़ रुपये की ज़मीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर किरावली थाने में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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दयालबाग, न्यू आगरा निवासी भूप सिंह की ओर से दिए गए शिकायतीपत्र के मुताबिक तहसील किरावली के ग्राम पनवारी में कुल 0.6340 हेक्टेयर जमीन का सौदा हुआ था। यह सौदा गांव पनवारी निवासी किशनपाल सिंह और गोर्धनी देवी पत्नी रघुनाथ सिंह के साथ 3 करोड़ 82 लाख रुपये में तय हुआ था। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने गवाहों की मौजूदगी में 15 लाख रुपये बयाने के तौर पर दिए थे। इसके बाद विभिन्न चेक और 12 मई 2026 को 85 लाख रुपये नकद दिए गए।
इस नकद भुगतान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके बाद 14 जून 2026 को जब वह अपने साथियों यदुवीर सिंह और हरीओम के साथ बैनामा कराने के लिए आरोपियों के घर पहुंचे, तो किशनपाल सिंह, उसके बेटों सौरभ व दीपक और गोर्धनी देवी ने बैनामा करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर 12 मई 2026 को यह ज़मीन किसी अन्य व्यक्ति राजपाल सिंह चाहर के नाम इकरारनामा कर दी और 3.82 करोड़ रुपये हड़प लिए।
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रुपये वापस मांगे, तो आरोपियों ने घर से राइफल निकालकर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसकी किरावली थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने लेन-देन का मामला बताकर टाल दिया। तब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब थाना किरावली में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद