अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र
आगरा। सींगना में के निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए जमीन का सीमांकन होने लगा है। कार्यदायी कंपनी एनबीसीसी के मजदूरों के ठहराव और निर्माण सामग्री एकत्रित करने के क्षेत्र को तार फेंसिंग करके संरक्षित किया जा रहा है। शुक्रवार को उद्यान निदेशक इसके निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने सीआईपी और उद्यान के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
सींगना में 138 हेक्टेयर में राजकीय आलू फार्म है। इसमें से दस हेक्टेयर में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र, पेरू की दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय नई शाखा के लिए जमीन दी गई है। जमीन को समतल करना शुरू कर दिया है। पानी की आपूर्ति के लिए बोरिंग कराए जा रहे हैं। उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम ने बताया कि कि यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा शोध केंद्र होगा।
-
विश्व स्तरीय केंद्र होगा
इस तरह की विश्व में सिर्फ तीन शाखाएं हैं। मुख्यालय पेरू के अलावा चीन और अफ्रीका में आलू पर शोध हो रहा है। आगरा का सींगना विश्व में तीसरा शोध केंद्र होगा, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की आलू और शकरकंद की किस्मों की पैदावार करना है। नई तकनीक, नई किस्म और आलू आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करना है।
हाईवे से जोड़ा जाएगा रास्ता
निरीक्षण के दौरान उद्यान निदेशक भानु शंकर राव ने कहा कि अभी सींगना गांव होकर रास्ता है। वह आगरा दिल्ली हाईवे से काफी दूर है। इसे और सुगम बनाने के लिए आलू फर्म से सीधे हाईवे के लिए रास्ते देने की तैयारियां की जा रहीं हैं। इससे हाईवे मात्र 1.5 किलोमीटर दूर रह जाएगा। इसके लिए कुछ किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण करने की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
-
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
नेशनल हॉर्टीकल्चर बोर्ड और एनबीसीसी जल्द अनुसंधान केंद्र का निर्माण कराएंगे। इसमें वैज्ञानिकों के शोध से आलू के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। किसानों को खुद उन्नत खेती और बीज के निर्माण के लिए प्रशिक्षण भी मिलेंगे। - डॉ. सुधांशु सिंह , निदेशक, सीएसएआरसी