कोविड-19 में हजारों युवाओं का रोजगार छिन चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने मेक इन इंडिया के तहत आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया। इसके तहत अलीगंज क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर निवासी युवा कुम्भकार महेंद्र प्रजापति ने पारंपरिक चाक से दीये और बर्तन बनाने के बजाए अत्याधुनिक 21 मशीनें लगाईं। इससे वे 25 प्रकार के दीपक तैयार कर रहे हैं। अयोध्या में होने जा रहे दीपदान (दीपोत्सव) में यहीं के दीये जगमग करेंगे। यहां से महेंद्र को दो लाख दीपों का आर्डर मिला है।
महेंद्र प्रजापति ने बताया कि लॉकडाउन में गांव में भी कई प्रवासी श्रमिक लौटकर आए। सभी के समक्ष रोजगार का संकट था। ऐसे में प्रधानमंत्री के लोकल फ़ॉर वोकल कैम्पेन ने प्रेरणा दी और अपने पारंपरिक कुंभकारी के कार्य को ही अत्याधुनिक तरीके से करने में जुट गए।
दीपावली पर मिट्टी के दिये बनाने की गांव में फैक्टरी लगाई। इसमें डिजाइनदार दीये बनाने की 21 मशीनें लगाई हैं। जिनसे दीवले तैयार कराए जा रहे हैं। यहां काम कर रहीं सोनकली ने बताया कि हमें इस बार पहले की अपेक्षा अधिक रोजगार मिला है।
मिट्टी के डिजाइनदार दीपक
- फोटो : अमर उजाला
प्रवासी श्रमिक जुटे काम में
महेंद्र ने बताया कि उनकी फैक्टरी में कोरोना काल के दौरान दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा से घरों को लौटे प्रवासी श्रमिकों काम मिला है। लोकल फ़ॉर वोकल के चलते दीये की डिमांड बढ़ी है। वहीं इन्हें बनाने का कार्य दोगुना हुआ है।
दो लाख दीपक बनाने का मिला आर्डर
महेंद्र ने बताया कि उन्हें कई जनपदों से दीपक बनाने के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। लगभग सभी के ऑर्डर भेज दिए गए हैं। अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव के लिए उन्हें दो लाख दीपक बनाने का आर्डर मिला था, जो बनाकर एक गाड़ी से अयोध्या भिजवाए गए हैं।
अन्य बर्तनों की बनाएंगे
महेंद्र ने बताया कि डिजाइनदार दीपकों के बाद अब मिट्टी के अन्य तरह के बर्तन बनाने की योजना है। इसमें मिट्टी के डिजाइनदार चाय और दूध के ग्लास, सकोरा, प्लेट आदि बर्तनों के लिए फर्मा तैयार करा रहे हैं। आने वाले शादी-विवाह के सीजन में कारोबार में बढ़ोत्तरी होगी।