ताजमहल के रॉयल गेट पर लगा 107 साल पुराना ब्रास का लैंप बुधवार शाम को गिर गया। ताजमहल खाली कराने के समय शाम को हुए इस हादसे में दर्जनभर पर्यटक बाल-बाल बच गए। इस लैंप को 1908 में लार्ड कर्जन ने भेंट किया था। ब्रिटिश काल के इस लैंप के गिरने की घटना को एएसआई अधिकारियों ने भरसक दबाने का प्रयास किया। लैंप गिरते ही उसे कमरे में बंद कर कपड़े से ढक दिया गया। कमरे के बाहर ताला लगा दिया गया। घटना छिपाने के चक्कर में एएसआई के दो कर्मचारियों को उस कमरे में दो घंटे तक बंद रखा गया, जो मीडिया के जाने के बाद निकाले गए।
बता दें कि ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार ‘रॉयल गेट’ पर 1908 में तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन ने दो लैंप मंगवाए थे, जिनमें से एक को रॉयल गेट पर तथा दूसरे को ताजमहल के मुख्य गुंबद में शाहजहां और मुमताज की कब्र के ऊपर लगवाया गया। ब्रिटिश काल में आगरा में बिजली आने के बाद इन लैंप में बल्ब लगाए गए, जिसकी रोशनी से मुख्य गुंबद का अंधेरा दूर हो गया।