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गांव वापस लौट रहे श्रमिकों की आसानी से नहीं हो पा रही है जांच,श्रमिकों के साथ ग्रामीण परेशान

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फिरोजाबाद। लॉकडाउन के दौरान दूरदराज क्षेत्रों से आ रहे श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पा रहा है। जिले के कई ग्रामों के लोग स्थानीय बस स्टेंड पर टीम का इंतजार करते दिखाई दिए। डायल 112 पर फोन किया। काफी देरतक ही इंतजार करने के बाद कोई नहीं पहुंचा तो गांव को जाने को विवश हो गए। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में 21 दिन के लॉकडाउन करने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक तबके के लोग वापस अपने गांव लौट रहे हैं। प्रशासन की ओर से इनकी जांच कराए जाने के दावा तो किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत में गांवों मेें टीम जांच को नहीं पहुंच रही है। मदनपुर ब्लाक के गांव पटसुई नगली मीर में दिल्ली से करीब 20 महिला पुरुष वापस गांव लौटे हैं इन में से कुछ को खांसी,जुकाम एवं बुखार की शिकायत भी है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उसने कई बार फोन 108 नंबर पर किया। लेकिन कोई टीम जांच को नहीं पहुंची। बीएसए डा. अरविंद पाठक को फोन करके जांच टीम नहीं पहुंचने की जानकारी दी। ग्रामीण टीम के आने का इंतजार कर रहे थे। पानीपत से किसी तरह से वापस लौटे गांव रैपुरा के ही निवासी लोकेंद्र,राजा बाबू,अजीत,सुरेंद्र, योगेश, रूपेंद्र तथा आसफाबाद के निवासी श्याम सिंह,नारखी के गड़ी रंछोर के निवासी अमित दिवाकर,अनिल कुमार व कोटला रोड के ही निवासी दिनेश कुमार,दुगुना निवासी रामप्रकाश एवं ब्रजेश भी स्थानीय रोडबेज बस स्टेंड पर खुद की जांच कराने को टीम को तलाशते दिखाई दिए। उनका कहना था अस्पताल में गए तो बताया कि बस स्टेंड पर जांच की जा रही है। परंतु बस स्टेंड पर कोई टीम नहीं मिली। डायल 112 पर कईबार सूचना दी। लेकिन कोई टीम नहीं आने के कारण घरों को जाने को विवश हुए। सोमवार की सुबह तक जिले में 2587 लोग बाहर से आए फिरोजाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से आने वाले श्रमिकों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में सोमवार को सुबह तक 2587 श्रमिक तबके के महिलाएं,बच्चों के साथ उन्हीं के परिवार के लोग आए हैं। डीएम चंद्र विजय सिंह ने इन सभी की जांच के निर्देश सीएमओ डा.एसके दीक्षित को दिए हैं। इसके लिए टीमों का गठन कर दिया है। ताकि जांच होने के साथ कोरोना रूपी संक्रमण को गांव में फैलने से रोका जा सके।  
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