मनरेगा श्रमिक दो महीने से मजदूरी नहीं मिलने के कारण परेशानी से जूझ रहे थे। खासकर कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉक डाऊन से उनकी स्थिति और खराब हो गई थी। ऐसे में उन्हें शासन ने बड़ी राहत दी है। जिले में एक लाख चौहत्तर हजार मनरेगा श्रमिक हैं। इसमें से 114000 श्रमिक एक्टिव हैं। जो लगातार काम करते रहते हैं, लेकिन इनको मजदूरी नहीं मिलने के कारण दिक्कत हो रही थी, ऐसे में शासन ने इनको बड़ी राहत दी है। 22000 श्रमिकों के बैंक खाते में 6 करोड़ 62 लाख रुपये इनके बैंक खाते में डाल दिया गया है। उपायुक्त श्रम व रोजगार आई एम त्रिपाठी ने बताया कि बाकी का पैसा भी जल्द आएगा।