आगरा के थाना शाहगंज के केदार नगर में शनिवार को बंदरों के हमले में श्रमिक महिला दूसरी मंजिल की छत से गिरकर घायल हो गई। बंदर उससे रोटी छीनने का प्रयास कर रहे थे। महिला ने बचने का प्रयास किया तो बंदरों ने काटने की कोशिश भी की। अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पश्चिमपुरी में रहने वाले बब्बू और उनकी पत्नी कोमल मजदूरी करते हैं। केदार नगर में प्रमोद के मकान में कार्य कर रहे थे। शनिवार दोपहर को डेढ़ बजे पति-पत्नी छत पर खाना खा रहे थे। तभी बंदरों का झुंड आ गया। बंदर रोटियां छीनने के लिए झपटने लगे। कोमल ने बचने की कोशिश की। एक बंदर ने उन्हें जोर से झटका दिया, जिससे वो छत से नीचे गिर गईं। वह पड़ोसी की छत पर प्लास्टिक की शेड पर गिरीं। शेड टूटने के कारण नीचे आ गईं। उनके चेहरे, हाथ और पैर में चोट लगी है। पति के शोर मचाने पर लोग जुट गए। इसके बाद ही बंदरों के झुंड को भगाया जा सका। कोमल को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
झुंड के आने की नहीं थी उम्मीद
पति बब्बू ने बताया कि वह दोपहर में छत पर आ जाते थे। इसके बाद खाना खाते थे। एक दो बंदर आ जाते थे। उनके मांगने पर खाना भी डालते थे। मगर, शनिवार को 10 से 12 बंदर आ गए और झपट्टा मारने लगे।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
शहर में बंदरों के हमले में लोगों की जान भी जा चुकी हैं। पुराने शहर में वृद्ध की मौत हो गई थी। एमजी रोड पर बाइक के आगे आने की वजह से अधिवक्ता की जान चली गई थी। रकाबगंज में छत से युवक गिर गया था। कई बार लोग घायल हो चुके हैं। रुनकता में एक बंदर नवजात को उठाकर ले गया था।