फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब होगा ‘कुशल’ की ‘कुशलता’ का इम्तिहान

Thu, 14 Jan 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
कड़ी मशक्कत के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट तक पहुंचने वाली कुशल यादव का सफर काटों भरा हो सकता है। जिला पंचायत के सीमित संसाधनों में अधिक विकास कार्यों का दबाव उन्हें परेशान कर सकता है। खाली खजाना समस्या और बढ़ा सकता है।
विज्ञापन

जिला पंचायत का वार्षिक बजट करीब 30 करोड़ रुपये है। कर्मचारियों का वेतन और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लगभग 25 करोड़ रुपये से जिले में विकास कार्य कराए जाते हैं। वर्ष में होने वाली तीन बैठकों में सदस्य प्रस्ताव लगाते हैं। ऐसे में सदस्यों के बीच विकास कार्यों का तालमेल बिठाना आसान नहीं होगा। जिला पंचायत के अधिकारियों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष का बजट लगभग खर्च हो चुका है। जो धनराशि शेष है, उससे एडवांस में हो चुके विकास कार्यों का भुगतान करना होगा। दरअसल, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने पहले तमाम विकास कार्य स्वीकृत कर दिए थे। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में विकास कार्यों के मोर्चे पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भी कड़ी चुनौती होगा। उप समितियों के गठन में तालमेल आसान नहीं होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष को वोट करने वाले समितियों में स्थान पाना चाहेंगे। सपा के सदस्य भी लाइन में रहेंगे।
रात तक चलीं शपथ ग्रहण की तैयारियां
जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे होगा। जिला पंचायत कार्यालय में तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। परिसर में विशाल मंच बनाया गया है। सपा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। उनके लिए उचित इंतजाम करना होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यालय के साथ अधिकारियों के कार्यालयों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अध्यक्ष और सदस्यों के साथ सांसद, विधायक, एमएलसी, ब्लाक प्रमुख और अफसरों को निमंत्रण पत्र भेज दिए गए हैं।
विज्ञापन

ये समितियां होगी गठित
उप समितियों में कार्यसमिति, वित्त समिति, निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, नियोजन और समता समिति का गठन होता है। शपथ ग्रहण के बाद दोपहर दो बजे जिला पंचायत सदन की पहली बैठक होगी। संभव है कि पहली बैठक में उप समितियों को गठित कर दिया जाए।
जिला पंचायत के आय के स्रोत
जिला पंचायत की आय के मुख्य स्रोतों में बटेश्वर मेला, हाट और बाजार, विज्ञापन होर्डिंग, उद्योगों को दिए जाने वाले लाइसेंस पर शुल्क, यमुना नदी के घाटों का ठेका, संपत्ति कर, कृषि फार्म, जमा धनराशि पर ब्याज है। वर्ष में एक बार आम बजट के लिए बैठक होती है और एक बार पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें