इस पर करीब सात करोड़ की लागत आ रही है। हालांकि इसमें अभी वन विभाग की एनओसी के अभाव में काम शुरू नहीं हो सका है। विकास प्राधिकरण के अभियंता कौशलेंद्र चौधरी ने बताया कि वन विभाग की एनओसी का इंतजार परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए किया जा रहा है। कुछ आपत्तियां लगी थीं, उनका निराकरण कर दिया गया है।
कोसी-नंदगांव मार्ग से शनिधाम तक फोरलेन मार्ग
शनिधाम के लिए कोसीकलां-नंदगांव मार्ग से करीब दो किलोमीटर लंबा फोरलेन सड़क निर्माण किया गया है। इसके डिवाइडर पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने लाइट लगाई हैं। फोरलेन पर लगी लाइट की खूबसूरती देखते ही बनती है।
शनिवार को उमड़ती है भीड़
शनिवार को शनिधाम में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। बाकी दिन यहां सन्नाटा पसरा रहता है। शनिदेव की पूजा के लिए शुक्रवार की देर शाम ही लोग यहां आ जाते हैं। रात 12 बजे के बाद परिक्रमा का दौर शुरू हो जाता है। इन लोगों द्वारा परिक्रमा उपरांत सूरज कुंड में स्नान और फिर पूजा की जाती है।
शनिवार को हजारों की संख्या में भक्त कोकलावन पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं कम पड़ जाती हैं। हालांकि यहां पार्किंग की समस्या, जनसुविधाओं का अभाव भक्तों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कके सीईओ नगेंद्र प्रताप ने कहा कि कोकलावन स्थित शनिधाम को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। पीडब्ल्यूडी और विकास प्राधिकरण ने कुछ काम किए हैं। अब ब्रज तीर्थ विकास परिषद यहां की तीन किलोमीटर की परिक्राम को गोवर्धन परिक्रमा के पैटर्न पर तैयार किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ अन्य सुविधाओं पर भी यहां के लिए विचार हो रहा है।