आगरा। उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग के तीन संस्करणों में काशी रुद्राक्ष को दो बार चैंपियन बनाने वाले अनुभवी कोच उबैद कमाल ने कहा कि जब खिलाड़ी को पता होता है कि उससे क्या उम्मीद है, तो वह दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन करता है। शुक्रवार को खेरागढ़ क्रिकेट टूर्नामेंट में बतौर अतिथि शामिल हुए।
पूर्व भारतीय ए टीम खिलाड़ी उबैद कमाल ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं। उन्होंने देखा है कि कैसे सही योजना, सही मानसिकता और मजबूत गेंदबाजी किसी भी टीम को चैंपियन बना सकती है।
काशी रुद्राक्ष की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी प्रीमियर लीग से पहले ही टीम की तैयारी शुरू कर दी गई थी। खिलाड़ियों की खूबियों को पहचान कर उनकी छोटी-छोटी कमियों को दूर किया गया। हर खिलाड़ी को उसकी भूमिका समझाई। तब हर खिलाड़ी ने अपना बेस्ट दिया।
उन्होंने क्रिकेट में मानसिक मजबूती को बेहद जरूरी बताया। तकनीक के साथ-साथ दिमागी मजबूती ही बड़े मैचों में फर्क पैदा करती है। टी-20 और वनडे के दौर में गेंदबाजों पर सबसे ज्यादा दबाव होता है। ऐसे में उन्हें रणनीति, धैर्य और आत्मविश्वास तीनों की जरूरत होती है। मैं यूपी के गेंदबाजों को इसी तरह तैयार करना चाहता हूं।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर उन्होंने कहा कि राजीव शुक्ला के प्रयासों से प्रदेश का क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। बेहतर ढांचा, ज्यादा टूर्नामेंट और खिलाड़ियों को मौके मिलने से प्रदेश के युवाओं को मंच मिला है। अब जरूरत है इस सिस्टम से निकलने वाली प्रतिभा को सही दिशा देने की, ताकि यूपी नियमित रूप से घरेलू क्रिकेट में खिताबों की दावेदार बने। उबैद कमाल ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सिर्फ कोच बनना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट को मजबूत करना है।