कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज निजी केंद्रों पर ही लगेगी। 18 से 59 साल के लोगों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी। इसके लिए 375 रुपये खर्च करने पडे़ंगे। केंद्र तय करने के लिए बुधवार को तोता के ताल स्थित आईएमए भवन पर स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के साथ बैठक होगी।
जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि वाइल में 10 डोज हैं। इसकी कीमत 2,250 रुपये है। सीएमओ कार्यालय में बने डिपो में चालान जमा कर वाइल प्राप्त की जा सकती है। अस्पताल संचालक प्रति डोज 150 रुपये सेवा शुल्क ले सकेंगे। स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कर्मचारी के अलावा 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इनमें 80 फीसदी स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने बूस्टर डोज लगवा ली है, बुजुर्गों की संख्या 40 फीसदी है। ऐसे में बुजुर्ग किसी भी सरकारी केंद्र पर जाकर बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।
4063 बच्चों समेत 16274 ने लगवाया भरोसे का टीका
मंगलवार को 426 केंद्रों पर 12 से 14 साल के 4,063 बच्चों समेत 16,274 लोगों ने टीका लगवाया। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि 15 से 17 साल के 238 किशोरों ने पहली और 1897 किशोरों ने दूसरी डोज लगवाई है। 18 साल से अधिक उम्र के 4,662 को पहली और 5,041 को दूसरी डोज लगी। 373 बुजुर्ग, स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने बूस्टर डोज के तौर पर वैक्सीन की तीसरी खुराक लगवाई है।
52 दिन से खाली है कोविड अस्पताल
कोरोना वायरस की तीसरी लहर के बाद 52 दिन से एसएन मेडिकल कॉलेज का कोविड अस्पताल खाली है। यहां आखिरी बार 20 फरवरी को मरीज डिस्चार्ज हुआ था। अभी फिलहाल संक्रमण थमने पर कोविड स्टाफ को नॉन कोविड चिकित्सकीय कार्य में लगाया गया है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर में करीब 64 मरीज भर्ती हुए। 20 फरवरी को मरीज डिस्चार्ज करने के बाद से कोई नया मरीज भर्ती नहीं हुआ।
राहत की बात है कि फिलहाल संक्रमण के मामले नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यहां के चिकित्सकीय स्टाफ को इमरजेंसी समेत संबंधित विभागों में नॉन कोविड मरीजों के इलाज में लगाया है। बच्चों में संक्रमण के खतरे को देखते हुए तीसरी लहर के लिए संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए पीकू वार्ड बनाया था। इसमें दो-तीन बच्चे ही भर्ती करने पड़े। अब इसमें बाल रोग विभाग को दोबारा शुरू करा दिया है। कोविड वार्ड वाला पीकू वार्ड का सेटअप अलग है। संक्रमण बढ़ने की आशंका पर फिर से स्टाफ नियुक्त कर दिया जाएगा।