आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में नई तकनीक से जोड़ प्रत्यारोपण कर मरीजों को दर्द से छुटकारा दिलाया जा रहा है। विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ दुबे ने पांच महीने में 100 मरीजों के घुटने बदलकर कमाल कर दिया। मरीजों की हालत पूरी तरह से ठीक है। इसी के चलते कई राज्यों से हड्डी रोग के मरीज इलाज के लिए यहां आ रहे हैं।
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एम्स नई दिल्ली से जॉइंट रिप्लेसमेंट में फेलोशिप, एम्स नई दिल्ली और एम्स ऋषिकेश में सेवाएं दे चुके डॉ. दुबे ने बताया कि बीती एक जनवरी से अब तक उनकी टीम ने 250 से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं की हैं। इसमें 100 जटिल जॉइंट प्रत्यारोपण और बाकी लिगामेंट सर्जरी, घुटने और कूल्हे प्रत्यारोपण, रिवीजन जॉइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा और स्पोर्ट्स इंजरी के मामले हैं। खास बात यह है कि इनमें से 80 प्रतिशत मरीज दिल्ली, जयपुर जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों से निराश होकर यहां इलाज कराने आए थे।
चलने-फिरने में दिक्कत हो तो न करें देरी
वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दुबे ने बताया कि किसी को चलने-फिरने में तकलीफ, लगातार दर्द या रोजमर्रा के कार्याें में दिक्कत हो तो देरी न करें, जांच कराएं। ऐसी स्थिति में जॉइंट रिप्लेसमेंट एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कई बार मरीज ऑपरेशन के बारे में भ्रांतियों के चलते इलाज में देरी करते हैं। इससे मर्ज बढ़ जाता है।
अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
अस्पताल के एमडी एवं प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञों की टीम है। अत्याधुनिक तकनीक से सर्जरी की जा रही है। कई राज्यों के मरीज अस्पताल में इलाज कराने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंभीर समस्याओं के लिए दूसरे शहर जाने के बजाय आगरा में मिल रही विश्वस्तरीय चिकित्सकीय सेवा का लाभ उठा सकते हैं।